Wednesday, 16 March 2016

Okay, This is a copied one! ;)

One of the best poems ever written, for the best movie ever made:

ऐ मौत तू एक कविता है....
मुझसे एक कविता का वादा है मिलेगी मुझको....  

डूबती नब्ज़ों में जब दर्द को नींद आने लगे....
ज़र्द सा चेहरा लिए जब चाँद उफ़क़ तक पहुंचे....
दिन अभी पानी में हो और रात किनारे के करीब....
न अभी अँधेरा हो, न उजाला, न रात न दिन....
जिस्म जब खत्म हो और रूह को साँस आए .... 

मुझसे एक कविता का वादा है मिलेगी मुझको....

Sometimes I wish that Anand was a South Indian movie. Rajesh Khanna wouldn't have died because in the end the intestines would have miraculously killed the cancer. And then maybe we wouldn't have cried our heart out over this line:

आनंद मरा नहीं
आनंद मरते नहीं

Post credits: Anchal
Source: Undisclosed ;)